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हिमाचल के 10 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, नदी-नालों से दूर रहने की एडवाइजरी

➤ 4 जिलों में ऑरेंज और 6 जिलों में यलो अलर्ट, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

➤ नदी-नालों और लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की एडवाइजरी

➤ 23 अगस्त से कमजोर पड़ सकता है मानसून, सीजन में सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश


शिमला। हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आज भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें चार जिलों में ऑरेंज और छह जिलों में यलो अलर्ट है।

मौसम को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को नदी-नालों और लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

इन जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ऊना, हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, सोलन और शिमला में यलो अलर्ट है।

किन्नौर और लाहौल-स्पीति में फिलहाल भारी बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि मौसम को देखते हुए लोगों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

22 अगस्त तक बारिश, 23 से कमजोर होगा मानसून

प्रदेश में 22 अगस्त तक बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान है। इस दौरान कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद 23 अगस्त से मानसून के कमजोर पड़ने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों में बारिश का असर बने रहने के बाद प्रदेश में मानसून गतिविधियों में कमी आ सकती है।

मानसून सीजन में सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश

हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। IMD के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 17 अगस्त के बीच प्रदेश में सामान्य तौर पर 519.5 मिलीमीटर बारिश होती है, जबकि इस बार 469.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

994 करोड़ की संपत्ति तबाह, 196 लोगों की मौत

मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में बारिश, बाढ़, भूस्खलन और अन्य घटनाओं से अब तक 994 करोड़ रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंच चुका है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। पीडब्ल्यूडी की करीब 744 करोड़ रुपये की संपत्ति तबाह हुई है।

प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक 196 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 116 मौतें सड़क दुर्घटनाओं में हुई हैं। लगातार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।